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Uterus Me Ganth Ka Ilaj in Hindi - बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में गांठका इलाज
Dr.Sanjeev Kumar Singh | Lybrate.com
Written and reviewed by
Dr.Sanjeev Kumar Singh
92% (193ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurvedic Doctor, Lakhimpur Kheri • 13years experience
Uterus Me Ganth Ka Ilaj in Hindi - बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में गांठका इलाज
बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में गाà¤à¤ , कई महिलाओं के लिठपरेशानी का कारण बन जाती है. इस दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की आंतरिक परत की कोशिकाà¤à¤‚ आवशà¥à¤¯à¤•ता से अधिक मोटी और बड़ी हो जाती हैं. फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ होने के कारण जो लकà¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤•ट होते है वो इस बात पर निरà¥à¤à¤° करते है की ये किस जगह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ है , इनका आकार कैसा है और इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ कितनी है. यदि फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ बहà¥à¤¤ छोटे हों और कम हों तो किसी पà¥à¤°à¤•ार की तकलीफ नहीं होती और मेनोपॉज होने के बाद या अपने आप सिकà¥à¥œ कर मिट जाते है. लेकिन यदि फाइबà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¡ बॠजाते है इस पà¥à¤°à¤•ार की परेशानी पैदा हो सकती है. गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ आकार में नाशपाती जैसा होता है. बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€, महिलाओं का वो ख़ास अंग है जहां जनà¥à¤® से पहले बचà¥à¤šà¥‡ को रखती हैं. आप इसे दो à¤à¤¾à¤—ों में बाà¤à¤Ÿ सकते हैं. à¤à¤• तो है गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ का पहला à¤à¤¾à¤— जो योनी में खà¥à¤²à¤¤à¤¾ है, वहीठदà¥à¤¸à¤°à¤¾ à¤à¤¾à¤— जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का उपरी हिसà¥à¤¸à¤¾ है जिसे कॉरà¥à¤ªà¤¸ कहते हैं. महिलाओं के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में गाà¤à¤ का à¤à¤• कारण कैंसर à¤à¥€ हो सकता है. आइठबचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ के गाà¤à¤ के कारणों और इसके संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ उपचारों पर à¤à¤• नजर डालें.
कà¥à¤¯à¤¾ है बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में गाà¤à¤ का कारण - Bachedani Mein Ganth Ke Karan in Hindi
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨
अंडाशय में निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ होने वाले दो हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ इसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ के कारण हर महीने गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में à¤à¤• परत बनती है. जिसके कारण माहवारी होती है. ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ ही इन परत के बनने के दौरान फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ बनने की वजह à¤à¥€ बनते है.
अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिकता पारिवारिक कारण
यदि दादी, नानी, माठया बहन को फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ की समसà¥à¤¯à¤¾ है तो आपको à¤à¥€ यह होने की पूरी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है.
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के समय à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ का सà¥à¤°à¤¾à¤µ बॠजाता है. इसलिठà¤à¤¸à¥‡ समय फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ होने संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ बॠजाती है.
मोटापा
वजन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने की वजह से à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ बनने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बॠजाती है. इसका कारण गलत पà¥à¤°à¤•ार का खान-पान, शारीरिक गतिविधि का अà¤à¤¾à¤µ तथा गलत पà¥à¤°à¤•ार की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकता है.
कà¥à¤¯à¤¾ हैं इसके लकà¥à¤·à¤£? - Bachedani Mein Ganth Ke Lakshan
माहवारी के समय या बीच में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ जिसमें थकà¥à¤•े शामिल होते है.
नाà¤à¤¿ के नीचे पेट में दरà¥à¤¦ या पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦.
पेशाब बार बार आना.
मासिक धरà¥à¤® के समय दरà¥à¤¦ की लहर चलना.
यौन समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ बनाते समय दरà¥à¤¦ होना.
मासिक धरà¥à¤® का सामानà¥à¤¯ से अधिक दिनों तक चलना.
नाà¤à¤¿ के नीचे पेट में दबाव या à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ महसूस होना.
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾.
पैरों में दरà¥à¤¦.
पेट की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ सूजन.
समà¥à¤à¥‹à¤— के समय दबाव महसूस होना.
फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ का पता कैसे चलता है
यदि उपरोकà¥à¤¤ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई दें तो महिला चिकितà¥à¤¸à¤• से जाà¤à¤š करानी चाहिà¤. जाà¤à¤š करने के बाद यदि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में गांठयानि फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ होने का शक हो डॉकà¥à¤Ÿà¤° सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ कराने के लिठकह सकते है. सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता चलता है. कहाà¤, कितनी संखà¥à¤¯à¤¾ और कितने बड़े फायबà¥à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ है इसका à¤à¥€ पता चल जाता है. यह सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ दो तरह से होती है – पहली समानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार से पेट के ऊपर से और दूसरी योनी के अंदर से जिसे टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवेजिनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥‰à¤‰à¤¨à¥à¤¡ कहते है.
योनि के अंदर से सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ होने पर फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ रूप से पता चलता है. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसमे मशीन गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पास तक पहà¥à¤à¤š पाती है. डॉकà¥à¤Ÿà¤° के बताये अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सोनोगà¥à¤°à¤¾à¤«à¥€ कराने से किस पà¥à¤°à¤•ार का इलाज होना चाहिठयह पता चलता है. इसके अलावा à¤à¤®.आर.आई., à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥‡ या सीटी सà¥à¤•ेन की जरà¥à¤°à¤¤ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कराने की सलाह दी जा सकती है.
बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में गांठका इलाज - Bachedani Mein Ganth Ka Ilaj in Hindi
यदि फाइबà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¡ के कारण किसी पà¥à¤°à¤•ार की तकलीफ ना हो तो सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ किसी पà¥à¤°à¤•ार के इलाज की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है. यहाठतक की थोड़ा बहà¥à¤¤ अधिक रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से निपट सकें तो कोई इलाज ना लें तो चलता है.
मेनोपॉज होने के बाद इसके कारण हो रही तकलीफ कम हो जाती है या कà¤à¥€ कà¤à¥€ बिलà¥à¤•à¥à¤² मिट à¤à¥€ जाती है. लेकिन यदि तकलीफ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है तो इलाज लेना जरà¥à¤°à¥€ हो जाता है.
फायबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ का इलाज उमà¥à¤° , शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ , फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ का आकार , उनकी संखà¥à¤¯à¤¾ और उनकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° तय किया जाता है. हो सकता है कà¥à¤› दवाओं से फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ ठीक हो जाà¤à¤ अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ ऑपरेशन की जरà¥à¤°à¤¤ à¤à¥€ पड़ सकती है. आपरेशन कई पà¥à¤°à¤•ार से होते है. जिसमें मशीनों की सहायता से फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ को बिना किसी चीर फाड़ के लेजर से नषà¥à¤Ÿ किया जाता है.
यदि इसके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इलाज संà¤à¤µ नहीं हो तो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को निकाल देना पड़ता है. उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में माठबनने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ समापà¥à¤¤ हो जाती है. इस आपरेशन में ओवरी निकाल देनी है या नहीं यह डॉकà¥à¤Ÿà¤° मरीज की परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और जरà¥à¤°à¤¤ को देखते हà¥à¤ निरà¥à¤£à¤¯ लेते है.
फाइबà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¡ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से इस पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ किये जा सकते है. इनके जवाब समà¤à¤¨à¥‡ पर यह निरà¥à¤£à¤¯ करना आसान होता है कि अब कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤. दवा लें या सरà¥à¤œà¤°à¥€ करायें. डॉकà¥à¤Ÿà¤° की राय à¤à¥€ ली जा सकती है ताकि निरà¥à¤£à¤¯ लेना आसान हो जाये.
यदि गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में मौजूद गांठया रसौली पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾ में हो या छोटी हों तो आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• दवाओं से या होमिओपेथिक दवाओं से इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ठीक करने की कोशिश की जा सकती है. जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बड़े फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ होने पर और बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग अधिक होने पर सरà¥à¤œà¤°à¥€ जरà¥à¤°à¥€ हो जाती है. सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद महीने डेॠमहीने कà¥à¤› परहेज रखने की जरà¥à¤°à¤¤ होती है. सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद सà¤à¥€ तरह की परेशानियों से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ मिल जाती है.
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